class 10 History - Notes

Chapter 3 - भूमंडलीकृत विश्व का बनना (The Making of a Global World)

1. पूर्व-आधुनिक विश्व (The Pre-modern World)

वैश्वीकरण (Globalization) सिर्फ आज की बात नहीं है, यह हजारों सालों से चला आ रहा है।

  • रेशम मार्ग (Silk Routes): यह दुनिया का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ता था।

    • यह ज़मीन और समुद्र दोनों रास्तों से एशिया, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका को जोड़ता था।

    • भारत के मसाले और चीन का रेशम (Silk) इसी रास्ते से यूरोप जाता था और बदले में यूरोप से सोना-चाँदी एशिया आता था।

  • भोजन की यात्रा (Food Travels):

    • नूडल्स: चीन से पश्चिम में गए और ‘स्पैगेटी’ (Spaghetti) बन गए।

    • सामान्य भोजन: आलू, सोया, मूंगफली, मक्का, टमाटर और मिर्च जैसे खाद्य पदार्थ पहले हमारे पास नहीं थे। ये क्रिस्टोफर कोलंबस द्वारा अमेरिका की खोज के बाद वहां से पूरी दुनिया में आए।

    • आलू का असर: यूरोप के गरीबों (खासकर आयरलैंड में) की जिंदगी आलू पर इतनी निर्भर हो गई कि 1840 के दशक में जब आलू की फसल खराब हुई (Irish Potato Famine), तो लाखों लोग भूख से मर गए।

  • विजय और बीमारी (Conquest and Disease):

    • स्पेनिश और पुर्तगाली सेनाओं ने अमेरिका को जीतने के लिए बंदूकों का नहीं, बल्कि चेचक (Smallpox) के कीटाणुओं का सहारा लिया।

    • अमेरिका के लोग लाखों सालों से अलग-थलग थे, इसलिए उनमें इस बीमारी से लड़ने की ‘इम्यूनिटी’ नहीं थी। बीमारी ने पूरे समुदायों को खत्म कर दिया और घुसपैठियों की जीत आसान हो गई।


2. 19वीं शताब्दी (1815-1914)

(यह हिस्सा और इसके आगे का भाग अब अक्सर प्रोजेक्ट वर्क में आता है)

इस समय विश्व अर्थव्यवस्था में तीन तरह के प्रवाह (Flows) देखे गए:

  1. व्यापार का प्रवाह (Flow of Trade): मुख्य रूप से कपड़ा और अनाज।

  2. श्रम का प्रवाह (Flow of Labour): काम की तलाश में लोगों का एक देश से दूसरे देश जाना।

  3. पूँजी का प्रवाह (Flow of Capital): दूर-दराज के इलाकों में निवेश।

महत्वपूर्ण घटनाएँ:

  • कॉर्न लॉ (Corn Laws – ब्रिटेन): ब्रिटेन ने मक्का (Corn) के आयात पर पाबंदी लगा दी थी। इसे हटाने के बाद विदेशी सस्ता अनाज ब्रिटेन आने लगा, जिससे ब्रिटिश किसान बर्बाद हो गए और लोग शहरों की तरफ भागने लगे।

  • तकनीक की भूमिका: रेफ्रिजेरेटेड जहाजों (Refrigerated Ships) के आने से अब जानवरों को जिंदा भेजने के बजाय उनका मांस (Meat) भेजा जाने लगा, जिससे यूरोप में मांस सस्ता हो गया।

  • रिंडरपेस्ट (Rinderpest – मवेशी प्लेग): 1890 के दशक में अफ्रीका में यह बीमारी फैली। इसने अफ्रीका के 90% मवेशियों को मार डाला। इससे अफ्रीकी लोगों की रोजी-रोटी छिन गई और अंग्रेजों को उन्हें गुलाम बनाने का मौका मिल गया।


3. भारत से अनुबंधित श्रमिक (Indentured Labour)
  • इसे ‘नई दास प्रथा’ (New System of Slavery) भी कहा जाता है।

  • अंग्रेज भारत (UP, बिहार) और चीन के मजदूरों को 5 साल के अनुबंध (Contract) पर कैरेबियाई द्वीप, मॉरीशस और फिजी ले जाते थे।

  • वहाँ मजदूरों ने अपनी मिली-जुली संस्कृति विकसित की, जैसे ‘चटनी म्यूजिक’ (Chutney Music)


4. महामंदी (The Great Depression – 1929)

प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के बाद दुनिया की अर्थव्यवस्था गिर गई। 1929 में महामंदी शुरू हुई जो 1930 के दशक तक चली।

  • कारण (Causes):

    1. कृषि में अति-उत्पादन (Overproduction): अनाज इतना ज्यादा हो गया कि कीमतें गिर गईं और कोई खरीदार नहीं बचा।

    2. अमेरिकी कर्ज: अमेरिका ने दुनिया को कर्ज देना बंद कर दिया और अपना पैसा वापस मांगने लगा, जिससे कई बैंक डूब गए।

  • भारत पर असर: भारत का आयात-निर्यात आधा रह गया। किसानों की हालत सबसे ज्यादा खराब हुई क्योंकि लगान कम नहीं हुआ और फसलों के दाम गिर गए।


5. विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण (Post-War Era)

द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) के बाद दो बड़ी आर्थिक संस्थाएँ बनीं जिन्हें ‘ब्रेटन वुड्स जुड़वा’ (Bretton Woods Twins) कहा जाता है:

  1. IMF (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष): देशों के व्यापार घाटे को संभालने के लिए।

  2. World Bank (विश्व बैंक): युद्ध के बाद देशों के पुनर्निर्माण के लिए कर्ज देने हेतु।

  • Veto Power: इन संस्थाओं पर अमेरिका और पश्चिमी देशों का नियंत्रण था।

  • G-77: विकासशील देशों (Developing Nations) ने देखा कि IMF/World Bank से उन्हें ज्यादा फायदा नहीं हो रहा, तो उन्होंने अपना समूह G-77 बनाया और NIEO (नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था) की मांग की।

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