class 10 Civics - Notes

Chapter 2 - संघवाद" (Federalism)

1. संघवाद क्या है? (What is Federalism?)

संघवाद सरकार की वह प्रणाली है जिसमें सत्ता का बंटवारा केंद्रीय प्राधिकार (Central Authority) और देश की विभिन्न आनुषंगिक इकाइयों (Constituent Units/States) के बीच होता है।

  • इसमें सरकार के दो या अधिक स्तर होते हैं।

  • एकात्मक शासन (Unitary System) vs संघवाद: एकात्मक में सारी ताकत केंद्र के पास होती है, जबकि संघवाद में राज्य सरकारों के पास अपनी शक्तियां होती हैं और वे केंद्र के जवाबदेह नहीं होतीं।

2. संघवाद की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
  1. दो या अधिक स्तर: केंद्र सरकार और राज्य सरकार।

  2. अलग-अलग अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction): एक ही नागरिक समूह पर दोनों शासन करते हैं, लेकिन कर (Tax) वसूलने और कानून बनाने का अधिकार अलग-अलग है।

  3. संविधान की सर्वोच्चता: कोई भी एक सरकार अकेले संविधान के मौलिक प्रावधानों को नहीं बदल सकती।

  4. न्यायालय की भूमिका: शक्तियों के बंटवारे को लेकर विवाद होने पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) अंपायर (Umpire) की भूमिका निभाता है।

  5. वित्तीय स्वायत्तता: दोनों सरकारों के लिए राजस्व (Revenue) के स्रोत अलग-अलग तय हैं।

3. भारत एक संघीय देश कैसे है? (What makes India a Federal Country?)

भारतीय संविधान ने शक्तियों को तीन सूचियों में बांटा है:

  1. संघ सूची (Union List): राष्ट्रीय महत्व के विषय। (जैसे- रक्षा, विदेश मामले, बैंकिंग, मुद्रा)। इस पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है।

  2. राज्य सूची (State List): स्थानीय महत्व के विषय। (जैसे- पुलिस, व्यापार, कृषि, सिंचाई)। इस पर राज्य सरकार कानून बनाती है।

  3. समवर्ती सूची (Concurrent List): साझा हित वाले विषय। (जैसे- शिक्षा, वन, विवाह, गोद लेना)। इस पर दोनों कानून बना सकते हैं। (टकराव होने पर केंद्र का कानून मान्य होगा)।

  • अवशिष्ट विषय (Residuary Subjects): जो विषय इनमें से किसी में नहीं हैं (जैसे- कंप्यूटर सॉफ्टवेयर), वे केंद्र के पास हैं।

4. संघवाद कैसे चलता है? (How is Federalism Practiced?)

संविधान में लिखने से ही सब नहीं होता, इसे व्यवहार में भी लाया गया:

  • भाषाई राज्य (Linguistic States): 1947 के बाद कई राज्यों की सीमाएं बदली गईं ताकि एक भाषा बोलने वाले लोग एक राज्य में आ सकें (जैसे- आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र)। इससे देश टूटा नहीं, बल्कि और मजबूत हुआ।

  • भाषा नीति (Language Policy): भारत की कोई एक ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं है। हिंदी को राजभाषा (Official Language) माना गया, लेकिन इसके अलावा 21 अन्य भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है।

  • केंद्र-राज्य संबंध: 1990 के बाद गठबंधन सरकारों (Coalition Era) का दौर शुरू हुआ। इससे केंद्र सरकार की मनमानी कम हुई और राज्यों का सम्मान बढ़ा।

5. भारत में विकेंद्रीकरण (Decentralization in India)

जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियां लेकर स्थानीय सरकारों (Local Govt) को दी जाती हैं, तो इसे ‘विकेंद्रीकरण’ कहते हैं। 1992 का संविधान संशोधन (73rd & 74th Amendment):

  1. स्थानीय निकायों (पंचायत/नगरपालिका) के चुनाव नियमित रूप से कराना अनिवार्य किया गया।

  2. अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें आरक्षित की गईं।

  3. कम से कम एक-तिहाई (1/3) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं।

  4. हर राज्य में एक ‘राज्य चुनाव आयोग’ बनाया गया।

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