class 10 Science - Important Question & Answers
Chapter 9: प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन (Light – Reflection and Refraction)
यह अध्याय कक्षा 10 विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। इसमें दर्पण, लेंस, परावर्तन, अपवर्तन तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोग को सरल भाषा में समझाया गया है।
📌 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण:
• Numericals (Mirror formula, Lens formula)
• Ray diagrams (Convex / Concave)
• Laws of Reflection & Refraction
• Power of Lens
इस अध्याय में छात्र यह सीखते हैं कि प्रकाश कैसे परावर्तित और अपवर्तित होता है। दर्पण और लेंस की सहायता से बनने वाले प्रतिबिंबों की प्रकृति को समझना इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य है।
📘 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
Q1. निर्वात (Vacuum) में प्रकाश की चाल कितनी होती है?
उत्तर: 3 times 10^8 मीटर/सेकंड (m/s)।
Q2.गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या (R) और फोकस दूरी (f) में क्या संबंध है?
उत्तर: R = 2f (वक्रता त्रिज्या, फोकस दूरी की दोगुनी होती है)।
Q3लेंस की क्षमता (Power of Lens) का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: डायोप्टर (Dioptre – D)।
Q4: उस दर्पण का नाम बताइए जो बिंब का हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
उत्तर: उत्तल दर्पण (Convex Mirror)।
Q5.अपवर्तनांक (Refractive Index) का मात्रक क्या होता है?
उत्तर: अपवर्तनांक का कोई मात्रक नहीं होता क्योंकि यह समान राशियों का अनुपात है।
📘 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
Q6. प्रकाश के अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction) लिखिए।
उत्तर:
आपतित किरण, अपवर्तित किरण और दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब, सभी एक ही तल में होते हैं।
प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए, आपतन कोण की ज्या (sin i) और अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात स्थिर होता है। (इसे स्नेल का नियम कहते हैं)।
sin i/sin r = स्थिरांक
Q7. वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण (Side mirror) के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर:
उत्तल दर्पण हमेशा सीधा (Erect) प्रतिबिंब बनाते हैं।
इनका दृष्टि-क्षेत्र (Field of view) बहुत अधिक होता है क्योंकि ये बाहर की ओर वक्रित होते हैं, जिससे ड्राइवर पीछे के बड़े क्षेत्र को छोटे से दर्पण में देख पाता है।
Q8. '2 मीटर फोकस दूरी वाले अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दिया है: f = -2 m (अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है)। सूत्र: P = 1/f P = 1/-2 = -0.5 D अतः क्षमता -0.5 डायोप्टर है।
Q9. वास्तविक (Real) और आभासी (Virtual) प्रतिबिंब में दो अंतर लिखिए।
उत्तर:
वास्तविक: इसे परदे पर प्राप्त किया जा सकता है। यह सदैव उल्टा (Inverted) बनता है।
आभासी: इसे परदे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता। यह सदैव सीधा (Erect) बनता है।
Q10. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि वायु में प्रकाश की चाल और हीरे में प्रकाश की चाल का अनुपात 2.42 है। दूसरे शब्दों में, हीरे में प्रकाश की चाल, निर्वात की अपेक्षा 2.42 गुना कम हो जाती है।
📘 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) (Long Question Answer)
Q11. अवतल दर्पण (Concave Mirror) द्वारा प्रतिबिंब निर्माण को किरण आरेख खींचकर दर्शाइए जब वस्तु (बिंब) स्थित हो: (क) वक्रता केंद्र (C) पर (ख) ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच
उत्तर:
(क) जब वस्तु C पर हो:
प्रतिबिंब की स्थिति: वक्रता केंद्र (C) पर।
प्रकृति: वास्तविक और उल्टा।
आकार: वस्तु के बराबर।

(ख) जब वस्तु P और F के बीच हो:
प्रतिबिंब की स्थिति: दर्पण के पीछे।
प्रकृति: आभासी और सीधा।
आकार: वस्तु से बड़ा (विवर्धित)। (यह अवतल दर्पण की एकमात्र स्थिति है जहाँ सीधा प्रतिबिंब बनता है)
Q12 .कांच के आयताकार स्लैब (Glass Slab) से प्रकाश के अपवर्तन को सचित्र समझाइए। सिद्ध कीजिए कि आपतित किरण और निर्गत किरण एक-दूसरे के समांतर होती हैं
उत्तर: जब प्रकाश किरण वायु से कांच (सघन माध्यम) में प्रवेश करती है, तो अभिलंब की ओर झुक जाती है। जब यह किरण कांच से पुनः वायु (विरल माध्यम) में निकलती है, तो अभिलंब से दूर हट जाती है।
पार्श्विक विस्थापन (Lateral Displacement): कांच के स्लैब में आपतित किरण और निर्गत किरण के बीच की लंबवत दूरी को पार्श्विक विस्थापन कहते हैं।
समांतर होना: चूँकि स्लैब के दोनों फलक समांतर हैं, इसलिए जितना मोड़ पहली सतह पर आता है, उतना ही विपरीत मोड़ दूसरी सतह पर आता है। इसलिए i = e (आपतन कोण = निर्गत कोण), अतः आपतित किरण और निर्गत किरण समांतर होती हैं।

Q13. उत्तल लेंस (Convex Lens) के सामने रखी वस्तु का किरण आरेख बनाइए और प्रतिबिंब की प्रकृति लिखिए जब: (क) वस्तु 2F1 पर हो (ख) वस्तु F1 और प्रकाशिक केंद्र (O) के बीच हो
उत्तर: (क) वस्तु 2F1 पर:
प्रकाश किरणें अपवर्तन के बाद लेंस के दूसरी ओर 2F2 पर मिलती हैं।
प्रतिबिंब: वास्तविक, उल्टा और समान आकार का।
(ख) वस्तु F1 और O के बीच:
किरणें आगे नहीं मिलतीं, उन्हें पीछे बढ़ाने पर वे मिलती हुई प्रतीत होती हैं।
प्रतिबिंब: आभासी, सीधा और बड़ा। (इस गुण का उपयोग आवर्धक लेंस/Magnifying glass में होता है)।

Q14: (संख्यात्मक प्रश्न/Numerical): 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई बिंब 10 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया है:
u = -10 cm (बिंब दूरी सदैव ऋणात्मक)
f = +15 cm (उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक)
v = ?
दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
1/v = 1/f -1/u
1/v = 1/15 – 1/-10 = 1/15 + 1/10
LCM = 30
1/v = 2 + 3/30 = 5/30 =1/6
v = +6 cm
निष्कर्ष: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 6 cm की दूरी पर बनेगा। चूँकि v धनात्मक है, इसलिए प्रतिबिंब आभासी और सीधा होगा।
Q15: चिन्ह परिपाटी (Sign Convention) के नियम लिखिए। लेंस सूत्र और आवर्धन (Magnification) का सूत्र भी लिखिए।
उत्तर:
गोलीय दर्पणों/लेंस के लिए नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी:
बिंब (वस्तु) सदैव दर्पण/लेंस के बाईं ओर (Left) रखा जाता है।
मुख्य अक्ष के समांतर सभी दूरियां ध्रुव (Pole) या प्रकाशिक केंद्र (Optical Center) से मापी जाती हैं।
मूल बिंदु के दाईं ओर (+ x-axis) मापी गई दूरियां धनात्मक (+) होती हैं।
मूल बिंदु के बाईं ओर (- x-axis) मापी गई दूरियां ऋणात्मक (-) होती हैं।
मुख्य अक्ष के लंबवत ऊपर (+ y-axis) की दूरियां धनात्मक होती हैं।
सूत्र:
लेंस सूत्र: 1 /v – 1/u = 1/f
आवर्धन (m): m = h’/h = v/u (लेंस के लिए)
छात्रों के लिए सुझाव:
• Diagram हमेशा pencil से बनाएँ
• Formula लिखना न भूलें
• Numerical में unit जरूर लिखें
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