class 10 Science - Important Question Anwers

Chapter 4: कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)

यह अध्याय दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों (साबुन, ईंधन, प्लास्टिक, शराब, सिरका आदि) पर आधारित है और इसमें परिभाषा, अभिक्रिया तथा कारण बताइए प्रकार के प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं।

🔶 परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Oriented Facts)

• कार्बन की संयोजकता (Valency) = 4
• कार्बन सहसंयोजी आबंध बनाता है
• हीरा विद्युत का कुचालक होता है
• ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होता है
• सिरके में एसीटिक अम्ल पाया जाता है
• साबुन कठोर जल में झाग नहीं बनाता

📘 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

Q1. कार्बन के दो प्रमुख अपररूपों (Allotropes) के नाम लिखिए।

उत्तर: हीरा (Diamond) और ग्रेफाइट (Graphite)।

उत्तर: कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ बंध बनाकर लंबी श्रृंखला बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जिसे श्रृंखलन कहते हैं।

उत्तर:

  • एल्केन: CnH2n+2 (संतृप्त)

  • एल्कीन: CnH2n (असंतृप्त)

उत्तर: एथेनोइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) का 5-8% जलीय विलयन।

उत्तर: दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (Sharing) से बनने वाले आबंध को सहसंयोजी आबंध कहते हैं।

📘 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

Q6. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) क्या है? एक उदाहरण दें।

उत्तर: यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) प्रतिस्थापित करता है। इनके दो क्रमागत सदस्यों के बीच -CH2 का अंतर होता है।

  • उदाहरण: CH3OH, C2H5OH, C3H7OH (एल्कोहॉल श्रेणी)।

उत्तर:

  • C4+: 4 इलेक्ट्रॉन खोने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

  • C4-: 6 प्रोटॉन वाले नाभिक के लिए 10 इलेक्ट्रॉनों को संभालना मुश्किल होता है।

    इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करता है।

उत्तर:

  • संतृप्त (Saturated): कार्बन-कार्बन के बीच केवल एकल आबंध (Single Bond) होता है। (जैसे: मेथेन, एथेन)। ये कम क्रियाशील होते हैं।

  • असंतृप्त (Unsaturated): कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-आबंध (Double) या त्रि-आबंध (Triple) होते हैं। (जैसे: एथीन, एथाइन)। ये अधिक क्रियाशील होते हैं।

उत्तर: एस्टर की अभिक्रिया क्षार (जैसे NaOH) से कराने पर अल्कोहल और कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण (साबुन) बनता है।

CH3COOC2H5 + NaOH CH3COONa + C2H5OH

उत्तर: वे पदार्थ जो दूसरे पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते हैं। उदाहरण: क्षारीय KMnO4 (पोटैशियम परमैंगनेट) या अम्लीय K2Cr2O7

• सहसंयोजी आबंध: दो परमाणुओं द्वारा इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बना आबंध।
• समावयवता: समान आणविक सूत्र लेकिन भिन्न संरचना वाले यौगिक।
• एस्टरीकरण: अम्ल और अल्कोहल की अभिक्रिया से एस्टर बनने की प्रक्रिया।
• साबुनीकरण: वसा का क्षार से अभिक्रिया कर साबुन बनना।

📘 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) (Long Question Answer)

Q11. साबुन की सफाई प्रक्रिया (Micelle Formation) को सचित्र समझाइए। साबुन कठोर जल (Hard Water) में झाग क्यों नहीं देता?

(यह प्रश्न परीक्षा में सबसे ज़्यादा बार पूछा जाता है)

उत्तर:

(1) साबुन के अणु की संरचना:

साबुन के अणु (जैसे सोडियम स्टीयरेट) के दो मुख्य भाग होते हैं:

  • जलरागी सिरा (Hydrophilic Head): यह आयनिक भाग (COO-Na+) होता है जो जल में घुलता है।

  • जलविरागी पूंछ (Hydrophobic Tail): यह लंबी कार्बन श्रृंखला होती है जो तेल या मैल में घुलती है।

(2) मिसेल निर्माण (Micelle Formation):

जब साबुन को पानी में घोला जाता है, तो इसके अणु एक गोलाकार संरचना बना लेते हैं जिसे ‘मिसेल’ कहते हैं। इसमें:

  • साबुन का जलविरागी सिरा (पूंछ) अंदर की तरफ तेल/मैल से जुड़ जाता है।

  • जलरागी सिरा (सिर) बाहर पानी की तरफ रहता है।

(3) सफाई की क्रिया:

जब हम कपड़े को रगड़ते हैं, तो मिसेल मैल को पकड़कर कपड़े की सतह से अलग कर देता है और पानी में खींच लाता है। इस प्रकार पानी के साथ मैल भी बह जाता है।

(4) कठोर जल में समस्या:

कठोर जल में कैल्शियम (Ca) और मैग्नीशियम (Mg) के आयन होते हैं। साबुन इनके साथ अभिक्रिया करके एक अघुलनशील पदार्थ ‘स्कम’ (Scum) बनाता है। यह स्कम कपड़ों पर जम जाता है और सफाई नहीं हो पाती।

(इन दो अभिक्रियाओं पर सवाल आना लगभग तय होता है)

उत्तर:

(1) एस्टरीकरण (Esterification):

जब एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल को किसी अम्ल (जैसे सांद्र H2SO4) की उपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो वे अभिक्रिया करके एक मीठी गंध वाला पदार्थ ‘एस्टर’ बनाते हैं। इसे एस्टरीकरण कहते हैं।

  • समीकरण:

     

    CH3COOH अम्ल + C2H5OH एल्कोहॉल H2SO4 CH3COOC2H5 एस्टर + H2O
  • उपयोग: इसका उपयोग इत्र (Perfume) और स्वाद बनाने वाले एजेंट (Flavoring agent) में होता है।

(2) साबुनीकरण (Saponification):

यह एस्टरीकरण की ठीक उल्टी प्रक्रिया है। जब एस्टर को सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) जैसे क्षार के साथ गर्म किया जाता है, तो यह वापस अल्कोहल और कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण (साबुन) बनाता है।

  • समीकरण:

     

    CH3COOC2H5 एस्टर+ NaOH CH3COONa साबुन+ C2H5OH
  • उपयोग: इसका मुख्य उपयोग साबुन बनाने में किया जाता है।

(यह प्रश्न ‘Chemical Properties’ चेक करने के लिए आता है)

उत्तर:

(1) ऑक्सीकरण (Oxidation):

कार्बन यौगिकों को ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाने पर CO2, ऊष्मा और प्रकाश मिलता है। लेकिन एल्कोहॉल को नियंत्रित रूप से ऑक्सीकृत करके कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाया जा सकता है।

  • उदाहरण: एथेनॉल को क्षारीय KMnO4 के साथ गर्म करने पर एथेनोइक अम्ल बनता है।

     

    CH3CH2OH + 2[O] Al k.  KMnO4 CH3COOH + H2O

(2) संकलन अभिक्रिया (Addition Reaction):

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Double/Triple bond) उत्प्रेरक जैसे निकैल (Ni) या पैलेडियम (Pd) की उपस्थिति में हाइड्रोजन से जुड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Single bond) बनाते हैं।

  • उदाहरण: वनस्पति तेल (असंतृप्त) का हाइड्रोजनीकरण करके वनस्पति घी (संतृप्त) बनाना।

     

    R2C=CR2 + H2 Ni  R2CH-CHR2

(3) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction):

संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक अनभिक्रिय होते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन, हाइड्रोजन को एक-एक करके हटा देता है।

  • उदाहरण: मेथेन की क्लोरीन से क्रिया।

    CH4 + Cl2 CH3Cl + HCl

यह अध्याय दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों (साबुन, ईंधन, प्लास्टिक, शराब, सिरका आदि) पर आधारित है और इसमें परिभाषा, अभिक्रिया तथा कारण बताइए प्रकार के प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं।

🔶 परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Oriented Facts)

• कार्बन की संयोजकता (Valency) = 4
• कार्बन सहसंयोजी आबंध बनाता है
• हीरा विद्युत का कुचालक होता है
• ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होता है
• सिरके में एसीटिक अम्ल पाया जाता है
• साबुन कठोर जल में झाग नहीं बनाता

इस अध्याय में कार्बन के गुण, सहसंयोजी आबंध, समावयवता, साबुन एवं अपमार्जक,
और उनके दैनिक जीवन में उपयोग का अध्ययन किया गया।

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