class 10 Geography - Notes
Chapter 3 - जल संसाधन (Water Resources)
Exam Note:
Syllabus Alert: पिछले कुछ सालों में CBSE बोर्ड परीक्षा में इस चैप्टर से केवल मानचित्र कार्य (Map Work) पूछा जाता था, और थ्योरी केवल पीरियोडिक टेस्ट में आती थी। लेकिन 2024-25 के सिलेबस को एक बार चेक जरूर कर लें।
1. पानी: कुछ तथ्य और आंकड़े (Water: Some Facts)
दुनिया का 96.5% पानी महासागरों (खारा पानी) में है।
केवल 2.5% पानी ही अलवणीय (Freshwater) है जो पीने योग्य है।
भारत को वैश्विक वर्षा का 4% हिस्सा मिलता है, फिर भी हम जल संकट का सामना कर रहे हैं।
भविष्यवाणी है कि 2025 तक भारत के बड़े हिस्से में पानी की भारी कमी होगी।
2. जल दुर्लभता/कमी के कारण (Causes of Water Scarcity)
पानी की कमी दो तरह की होती है:
मात्रात्मक (Quantitative): जब पानी उपलब्ध ही न हो (सूखा, कम बारिश)।
गुणात्मक (Qualitative): जब पानी हो, लेकिन प्रदूषित हो (Industrial Waste, Chemicals)।
मुख्य कारण:
बढ़ती जनसंख्या: ज्यादा लोगों के लिए ज्यादा पानी और अनाज चाहिए।
सिंचाई: शुष्क मौसम में खेती के लिए भूजल (Groundwater) का अत्यधिक दोहन।
औद्योगीकरण: फैक्ट्रियों में पानी की भारी खपत और गंदगी नदियों में बहाना।
3. बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं (Multi-purpose River Projects – Dams)
जवाहरलाल नेहरू ने बांधों को “आधुनिक भारत के मंदिर” (Temples of Modern India) कहा था क्योंकि ये कृषि और उद्योगों का विकास एक साथ करते हैं।
लाभ (Advantages):
बिजली उत्पादन (Hydroelectricity)।
सिंचाई (Irrigation)।
बाढ़ नियंत्रण (Flood Control)।
मछली पालन और पर्यटन।
नुकसान/विरोध (Disadvantages/Opposition):
नदियों का प्राकृतिक बहाव रुकना: इससे जलीय जीवों (Aquatic life) को नुकसान होता है।
विस्थापन: स्थानीय लोगों को अपनी जमीन छोड़नी पड़ती है।
उदाहरण: नर्मदा बचाओ आंदोलन (सरदार सरोवर बांध के खिलाफ) और टिहरी बांध आंदोलन।
बाढ़: कभी-कभी बांध से अचानक पानी छोड़ने पर बाढ़ आ जाती है।
4. वर्षा जल संग्रहण (Rainwater Harvesting)
प्राचीन भारत में पानी बचाने के बेहतरीन तरीके थे जो आज भी कारगर हैं:
पहाड़ी क्षेत्र: पश्चिमी हिमालय में लोग ‘गुल’ या ‘कुल’ (Guls/Kuls) बनाते थे (कृषि के लिए वाहिकाएं)।
राजस्थान (छत वर्षा जल संग्रहण):
बीकानेर, फलौदी और बाड़मेर में पीने का पानी जमा करने के लिए घरों में बड़े भूमिगत टैंक (Tankas) बनाए जाते थे।
बारिश का पहला पानी छत साफ करने में और बाद का पानी टैंक में जमा करने में इस्तेमाल होता था। इसे ‘पालर पानी’ (शुद्धतम प्राकृतिक पानी) कहते हैं।
मेघालय: यहाँ ‘बांस ड्रिप सिंचाई प्रणाली’ (Bamboo Drip Irrigation) का उपयोग होता है।
तमिलनाडु: यह भारत का पहला राज्य है जिसने हर घर में छत वर्षा जल संग्रहण ढांचा बनाना कानूनी रूप से अनिवार्य (Compulsory) कर दिया है।
🗺️ Map Work (Board Exam के लिए सबसे ज़रूरी)
आपको भारत के मैप पर इन बांधों (Dams) को पहचानना और लेबल करना आना चाहिए:
Salal (सलाल): चेनाब नदी (J&K)
Bhakra Nangal (भाखड़ा नांगल): सतलुज नदी (हिमाचल/पंजाब)
Tehri (टिहरी): भागीरथी नदी (उत्तराखंड)
Rana Pratap Sagar (राणा प्रताप सागर): चंबल नदी (राजस्थान)
Sardar Sarovar (सरदार सरोवर): नर्मदा नदी (गुजरात)
Hirakud (हीराकुड): महानदी (ओडिशा) – भारत का सबसे लंबा बांध
Nagarjuna Sagar (नागार्जुन सागर): कृष्णा नदी (तेलंगाना/आंध्र)
Tungabhadra (तुंगभद्रा): तुंगभद्रा नदी (कर्नाटक)