class 10 Science - Important Question Anwers

Chapter 5: जैव प्रक्रम (Life Processes)

अध्याय 5: जैव प्रक्रम (Life Processes) कक्षा 10 विज्ञान का
एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है।

इस अध्याय में यह समझाया गया है कि जीवधारी अपने जीवन को
कैसे बनाए रखते हैं। इसमें पोषण, श्वसन, परिवहन तथा उत्सर्जन
जैसी आवश्यक जैव क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

परीक्षा में इस अध्याय से लघु उत्तर, दीर्घ उत्तर तथा
आरेख आधारित प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं।

इस अध्याय के अध्ययन के बाद विद्यार्थी:
• जीवन को बनाए रखने वाली क्रियाओं को समझ पाएँगे
• प्रकाश संश्लेषण एवं श्वसन की प्रक्रिया जानेंगे
• मानव हृदय, नेफ्रॉन तथा पाचन तंत्र की संरचना समझेंगे
• परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी कर पाएँगे

📌 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:
• प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा व समीकरण
• मानव हृदय का नामांकित चित्र
• ग्लूकोज का ऑक्सीकरण (फ्लो-चार्ट)
• नेफ्रॉन की संरचना एवं कार्य
• जैव प्रक्रमों से जुड़े 5 अंक के प्रश्न

नीचे दिए गए प्रश्न NCERT एवं बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं।

📘 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

Q1. 'जीवन का अनुरक्षण' (Maintenance of Life) करने वाले प्रक्रमों को क्या कहते हैं?

 उत्तर: जैव प्रक्रम (Life Processes)।

 उत्तर: जल (H2O) के अणुओं के टूटने (अपघटन) से।

उत्तर: हीमोग्लोबिन (Hemoglobin), जो लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) में पाया जाता है।

उत्तर:

  • जाइलम: जल और खनिजों का वहन (जड़ों से पत्तियों तक)।

  • फ्लोएम: भोजन (भोज्य पदार्थों) का स्थानांतरण (पत्तियों से अन्य भागों तक)।

उत्तर: अपोहन (Dialysis)।

📘 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

Q6. हमारे आमाशय में अम्ल (Acid) की क्या भूमिका है?

उत्तर: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl):

  1. भोजन को अम्लीय माध्यम प्रदान करता है जिससे ‘पेप्सिन’ एंजाइम कार्य कर सके।

  2. भोजन के साथ आए हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है।

उत्तर: धमनियों में रक्त हृदय से उच्च दाब (High Pressure) के साथ बहता है, इसलिए दबाव सहन करने के लिए उनकी दीवारें मोटी होती हैं। शिराओं में रक्त का दाब कम होता है और उनमें वाल्व (Valves) होते हैं जो रक्त को पीछे जाने से रोकते हैं।

उत्तर: जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा वायुमंडल की ऑक्सीजन की तुलना में बहुत कम होती है। इसलिए, पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए जलीय जीवों (जैसे मछली) को जल्दी-जल्दी साँस लेनी पड़ती है।

उत्तर: पित्त रस यकृत (Liver) से स्रावित होता है। यह:

  1. अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाता है।

  2. वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़ता है (वसा का इमल्सीकरण)।

उत्तर: द्वार कोशिकाएँ (Guard Cells)। जब इनमें पानी भरता है तो ये फूल जाती हैं और रंध्र खुल जाता है; जब पानी निकल जाता है तो ये सिकुड़ती हैं और रंध्र बंद हो जाता है।

📘 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) (Long Question Answer)

✍️ उत्तर लिखते समय ध्यान दें:
• परिभाषा सरल भाषा में लिखें
• आरेख साफ एवं नामांकित बनाएँ
• बिंदुओं में उत्तर लिखें
• वैज्ञानिक शब्दों का सही प्रयोग करें

Q11. मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System) का नामांकित चित्र बनाइए और आमाशय तथा क्षुद्रांत्र (Small Intestine) में होने वाले पाचन को समझाइए।

उत्तर: (1) आमाशय में पाचन: जठर ग्रंथियां , पेप्सिन और श्लेष्मा स्रावित करती हैं। पेप्सिन प्रोटीन का पाचन शुरू करता है।

(2) क्षुद्रांत्र में पाचन: यह आहार नाल का सबसे लंबा भाग है। यहाँ यकृत से पित्त रस और अग्न्याशय से अग्न्याशयिक रस आता है।

    • प्रोटीन अमीनो अम्ल

    • कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज

    • वसा वसा अम्ल + ग्लिसरॉल क्षुद्रांत्र के भीतरी अस्तर पर उंगली जैसे प्रवर्ध ‘दीर्घरोम’ (Villi) होते हैं जो पचे हुए भोजन का अवशोषण करते हैं।

 

उत्तर:

कोशिका द्रव्य में ग्लूकोज (6-कार्बन) पहले पाइरुवेट (3-कार्बन) में टूटता है। इसके बाद यह तीन रास्तों से ऊर्जा देता है:

  1. ऑक्सीजन की अनुपस्थिति (यीस्ट में): इथेनॉल + CO2 + ऊर्जा (कम ऊर्जा)।

  2. ऑक्सीजन का अभाव (हमारी पेशियों में): लैक्टिक अम्ल + ऊर्जा। (इससे क्रैम्प आते हैं)।

  3. ऑक्सीजन की उपस्थिति (माइटोकॉन्ड्रिया में): CO2 + जल + ऊर्जा (सर्वाधिक ऊर्जा)

उत्तर:

मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो चार कोष्ठों (Chambers) में बंटा होता है: दायां और बायां अलिंद (Atrium), दायां और बायां निलय (Ventricle)।

  • कार्यविधि: अशुद्ध रक्त (Deoxygenated) दायें अलिंद में आता है दायें निलय में जाता है फेफड़ों में साफ़ होने जाता है। वहां से शुद्ध रक्त (Oxygenated) बायें अलिंद में आता है बायें निलय में और फिर शरीर में पंप किया जाता है।

  • दोहरा परिसंचरण: रक्त को शरीर में एक बार पूरा घूमने के लिए हृदय से दो बार गुजरना पड़ता है (एक बार फेफड़ों की ओर, एक बार शरीर की ओर), इसे दोहरा परिसंचरण कहते हैं।

उत्तर: मानव उत्सर्जन तंत्र में एक जोड़ा वृक्क (Kidney), एक जोड़ा मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग होते हैं।

  • वृक्काणु (Nephron): यह वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। प्रत्येक वृक्क में लाखों नेफ्रॉन होते हैं।

  • मूत्र निर्माण: नेफ्रॉन रक्त को छानता है (Glomerulus filtration)। उपयोगी पदार्थ (ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, जल) पुन: अवशोषित हो जाते हैं और हानिकारक अपशिष्ट (यूरिया, यूरिक अम्ल) मूत्र के रूप में अलग हो जाते हैं, जो मूत्राशय में जमा होता है।

उत्तर:

वह प्रक्रिया जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में CO2 और जल का उपयोग करके अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं।

  • कच्ची सामग्री: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), जल (H2O), सूर्य का प्रकाश, क्लोरोफिल।

  • घटनाएँ:

    1. क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण।

    2. प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरण।

    3. CO2 का कार्बोहाइड्रेट में अपचयन।

  • समीकरण:

    6CO2 + 12H2O सूर्य का प्रकाश, क्लोरोफिल C6H12O6 + 6O2 + 6H2O

📘 छात्रों के लिए सुझाव:
• इस अध्याय को समझकर पढ़ें, रटने की कोशिश न करें
• आरेखों का नियमित अभ्यास करें
• परीक्षा से पहले सभी परिभाषाएँ दोहराएँ
• महत्वपूर्ण शब्दों को अलग नोटबुक में लिखें

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