class 10 Science - Important Question Anwers

Chapter 3: धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals)

अध्याय परिचय
धातु एवं अधातु हमारे दैनिक जीवन और उद्योगों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अध्याय में धातुओं और अधातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण, उनके उपयोग, संक्षारण तथा निष्कर्षण की विधियाँ समझाई जाती हैं। यह अध्याय अवधारणाओं पर आधारित है और इसमें तर्क सहित उत्तर लिखने की आवश्यकता होती है।

 

📌 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
  • परिभाषा आधारित प्रश्न

  • कारण बताइए प्रकार के प्रश्न

  • रासायनिक समीकरण व उदाहरण

  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (electrolytic refining, corrosion)

❓ क्यों पूछे जाते हैं ये प्रश्न?
  • धातु और अधातु के प्रश्न तर्क आधारित होते हैं

  • इनमें कारण लिखने की क्षमता जाँची जाती है

  • ये प्रश्न बोर्ड परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं

📘 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

Q1. कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली धातु और अधातु का नाम लिखिए।

उत्तर:

  • धातु: पारा (Mercury – Hg)

  • अधातु: ब्रोमीन (Bromine – Br)

उत्तर:

  • आघातवर्ध्यता: धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने की क्षमता।

  • तन्यता: धातुओं को खींचकर पतले तार बनाने की क्षमता।

उत्तर: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K)।

उत्तर: यह सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का 3:1 के अनुपात में ताज़ा मिश्रण है, जो सोने (Gold) को भी गला सकता है।

उत्तर: लोहे और इस्पात को जंग से बचाने के लिए उन पर जस्ता (Zinc) की पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया को यशदलेपन कहते हैं।

📘 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

Q6. सोडियम को केरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है?

उत्तर: सोडियम अत्यधिक क्रियाशील धातु है। यह हवा (ऑक्सीजन) और नमी के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेता है। इसे आकस्मिक आग और अभिक्रिया से बचाने के लिए केरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।

उत्तर: वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।

  • उदाहरण: एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO)।

उत्तर: आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेशित आयनों (धनायन और ऋणायन) के बीच बहुत मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण बल होता है। इस मजबूत बंधन को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए इनका गलनांक उच्च होता है।

उत्तर:

  • निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में गर्म करके ऑक्साइड में बदलना। (उदा: ZnCO3 – ZnO + CO2)

  • भर्जन: सल्फाइड अयस्क को वायु की अधिकता में गर्म करके ऑक्साइड में बदलना। (उदा: 2ZnS + 3O2 2ZnO + 2SO2)

उत्तर: दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु और अधातु) के समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं।

  • पीतल: तांबा (Cu) + जस्ता (Zn)

  • कांसा: तांबा (Cu) + टिन (Sn)

📘 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) (Long Question Answer)

Q11. इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना (Electron Dot Structure) की सहायता से सोडियम क्लोराइड (NaCl) और मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl2) का निर्माण समझाइए।

उत्तर:

धातुएं इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं और अधातुएं इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं।

  • NaCl: सोडियम (2,8,1) अपना 1 इलेक्ट्रॉन क्लोरीन (2,8,7) को देता है। इससे Na+ और Cl- बनते हैं जो स्थिर विद्युत बल से जुड़कर NaCl बनाते हैं।

  • MgCl₂: मैग्नीशियम (2,8,2) अपने 2 इलेक्ट्रॉन दो अलग-अलग क्लोरीन परमाणुओं को देता है।

उत्तर: अशुद्ध तांबे से शुद्ध तांबा प्राप्त करने के लिए विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग होता है।

    • एनोड (Anode): अशुद्ध तांबे की मोटी छड़।

    • कैथोड (Cathode): शुद्ध तांबे की पतली परत।

    • विद्युत अपघट्य: कॉपर सल्फेट का अम्लीय विलयन।

 

जब विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो एनोड से शुद्ध कॉपर विलयन में घुल जाता है और उतनी ही मात्रा में शुद्ध कॉपर कैथोड पर जमा हो जाता है। अशुद्धियाँ एनोड के नीचे जमा हो जाती हैं जिसे ‘एनोड पंक’ कहते हैं।

उत्तर:

धातुएं जल के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं, लेकिन सभी धातुएं एक समान अभिक्रिया नहीं करतीं:

  1. ठंडा जल: सोडियम (Na), पोटैशियम (K) और कैल्शियम (Ca) ठंडे जल के साथ भी तेजी से अभिक्रिया करते हैं।

  2. गर्म जल: मैग्नीशियम (Mg) ठंडे जल से नहीं, बल्कि गर्म जल से अभिक्रिया करता है।

  3. भाप (Steam): एल्युमिनियम (Al), लोहा (Fe) और जिंक (Zn) न तो ठंडे और न ही गर्म जल से अभिक्रिया करते हैं, ये केवल भाप के साथ अभिक्रिया करते हैं।

    • 3Fe(s) + 4H2O(g) Fe3O4(s) + 4H2(g)

⚠️ विद्यार्थियों की सामान्य गलतियाँ
  • आघातवर्ध्यता और तन्यता में भ्रम

  • Galvanisation को alloying समझ लेना

  • समीकरण बिना संतुलन लिखना

📝 अध्याय सारांश

इस अध्याय में धातु एवं अधातु के गुण, उनके उपयोग, संक्षारण से सुरक्षा तथा परिष्करण की विधियाँ समझाई गई हैं। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए परिभाषाओं के साथ उदाहरण और कारण स्पष्ट रूप से लिखना आवश्यक है।

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