class 10 - Science Notes
Chapter 7 - जीव जनन कैसे करते हैं?
• जनन और DNA प्रतिकृति से 2–3 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं।
• यौन जनन और अलैंगिक जनन में अंतर अक्सर पूछा जाता है।
• गर्भनिरोधक विधियों से 3 अंक का प्रश्न आ सकता है।
| बिंदु | अलैंगिक जनन | यौन जनन |
|---|---|---|
| जनक | एक | दो |
| विविधता | नहीं होती | होती है |
| उदाहरण | अमीबा | मनुष्य |
जनन के कारण ही जीवों की प्रजाति पृथ्वी पर बनी रहती है।
यदि जनन न हो, तो कुछ ही वर्षों में जीवों का अस्तित्व समाप्त हो सकता है।
विद्यार्थियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और रोचक चैप्टर है। यहाँ इसके मुख्य नोट्स दिए गए हैं:
1. जनन (Reproduction) क्या है?
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जीव अपने जैसी नई संतानें उत्पन्न करते हैं, ताकि उनकी प्रजाति का अस्तित्व बना रहे।
DNA प्रतिकृति (DNA Copying): जनन के समय कोशिका अपने DNA की नकल बनाती है। इसमें थोड़ी भिन्नता (Variation) आती है, जो विकास (Evolution) के लिए ज़रूरी है।
2. जनन के प्रकार
A. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)
इसमें केवल एक ही जनक (Single Parent) की आवश्यकता होती है। इसके मुख्य प्रकार हैं:
विखंडन (Fission): जैसे अमीबा (Ameba) में द्विखंडन।
खंडन (Fragmentation): जैसे स्पाइरोगाइरा।
पुनरुद्भवन (Regeneration): जैसे प्लेनेरिया (शरीर के कटे हिस्से से नया जीव बनना)।
मुकुलन (Budding): जैसे हाइड्रा (शरीर पर एक उभार या ‘Bud’ निकलना)।
कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): पौधे के जड़, तने या पत्ती से नया पौधा उगाना (जैसे गुलाब या पत्थरचट्टा)।
B. लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
इसमें दो जनकों (नर और मादा) की आवश्यकता होती है। इससे संतानों में अधिक भिन्नता आती है।
3. पुष्पी पौधों में जनन
फूल के मुख्य भाग होते हैं: पुंकेसर (नर भाग) और स्त्रीकेसर (मादा भाग)।
परागकण (Pollination): परागकणों का पुंकेसर से वर्तिकाग्र तक पहुँचने की प्रक्रिया।
निषेचन (Fertilization): नर और मादा युग्मक के मिलने से ‘युग्मनज’ (Zygote) बनता है, जो बाद में बीज बनता है।
4. मानव में जनन
नर जनन तंत्र (Male Reproductive System):
मुख्य अंग वृषण (Testes) है, जो ‘टेस्टोस्टेरोन’ हार्मोन और ‘शुक्राणु’ (Sperms) बनाता है।

मादा जनन तंत्र (Female Reproductive System):
मुख्य अंग अंडाशय (Ovary) है, जहाँ ‘अंडाणु’ (Eggs) बनते हैं।

निषेचन और भ्रूण का विकास:
जब शुक्राणु और अंडाणु मिलते हैं, तो निषेचन होता है।
भ्रूण माँ के गर्भाशय में प्लैसेन्टा (Placenta) के जरिए पोषण प्राप्त करता है।
ऋतुस्राव (Menstruation): यदि अंडाणु का निषेचन नहीं होता, तो गर्भाशय की परत टूटकर रक्त के रूप में बाहर आती है।
5. जनन स्वास्थ्य (Reproductive Health)
STDs: यौन क्रियाओं से फैलने वाली बीमारियाँ (जैसे AIDS, गोनोरिया)।
गर्भरोधन (Contraception): अनचाहे गर्भ को रोकने के तरीके:
यांत्रिक अवरोध (Condoms)
हार्मोनल संतुलन (Pills)
लूप या कॉपर-टी (IUCD)
शल्य क्रिया (Vasectomy & Tubectomy)
⚠️ छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ:
• अलैंगिक जनन को सरल मानकर छोड़ देना
• गर्भनिरोधक विधियों के नाम याद न रखना
• DNA प्रतिकृति को विकास से न जोड़ पाना
✍️ अभ्यास प्रश्न:
1. जनन जीवों के अस्तित्व के लिए क्यों आवश्यक है?
2. DNA प्रतिकृति में विविधता क्यों आती है?
🔗 संबंधित अध्याय: Notes
- Chapter 1 -रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
- Chapter 2 – अम्ल, क्षार और लवण
- Chapter 3 – धातु और अधातु
- Chapter 4 – कार्बन एवं उसके यौगिक
- Chapter 5 – जैव प्रक्रम
- Chapter 6 – नियंत्रण एवं समन्वय
- Chapter 7 – जीव जनन कैसे करते हैं
- Chapter 8 – आनुवंशिकता एवं जैव विकास
- Chapter 9 – प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्त
- Chapter 10 – मानव नेत्र तथा रंगीन संसार
- Chapter 11 – विद्युत
- Chapter 12 – विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
- Chapter 13 – हमारे पर्यावरण
