class 10 - Science Notes
Chapter 5 - जैव प्रक्रम
इस अध्याय में हम जानेंगे कि जीव अपने शरीर को
कैसे जीवित रखते हैं और विभिन्न जैव क्रियाएँ कैसे कार्य करती हैं।
🟡 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:
प्रकाश संश्लेषण से जुड़े प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं
नेफ्रॉन का चित्र व कार्य 3–5 अंक में आता है
Double circulation पर short note पूछा जा सकता है
जैव प्रक्रम क्या है?
वे सभी क्रियाएँ जो सम्मिलित रूप से जीव के अनुरक्षण (Maintenance) का कार्य करती हैं, ‘जैव प्रक्रम’ कहलाती हैं। इसमें मुख्य रूप से चार क्रियाएं आती हैं: पोषण, श्वसन, वहन और उत्सर्जन।
1. पोषण (Nutrition)
भोजन ग्रहण करना और उसका उपयोग ऊर्जा प्राप्त करने के लिए करना पोषण कहलाता है।
स्वपोषी पोषण (Autotrophic): जो जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं (जैसे: हरे पौधे)।
प्रकाश संश्लेषण: $6CO_2 + 12H_2O \xrightarrow{\text{क्लोरोफिल, सूर्य का प्रकाश}} C_6H_{12}O_6 + 6O_2 + 6H_2O$
विषमपोषी पोषण (Heterotrophic): जो जीव भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं (जैसे: मनुष्य, अमीबा)।
2. मानव में पाचन (Digestion in Humans)
मानव पाचन तंत्र एक लंबी आहार नाल है जो मुख से गुदा तक फैली है।
मुख: लार में ‘एमाइलेज’ एंजाइम होता है जो स्टार्च को शर्करा में बदलता है।
अमाशय: यहाँ $HCl$ अम्ल, पेप्सिन और श्लेष्मा (Mucus) का स्राव होता है।
क्षुद्रांत्र (Small Intestine): यह पाचन का मुख्य स्थल है। यहाँ कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन का पूर्ण पाचन होता है। यहाँ ‘दीर्घरोम’ (Villi) भोजन का अवशोषण करते हैं।
3. श्वसन (Respiration)
कोशिकाओं में ऑक्सीजन की उपस्थिति में भोजन (ग्लूकोज) के टूटने से ऊर्जा निकलने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है।
वायवीय श्वसन: ऑक्सीजन की उपस्थिति में (ज्यादा ऊर्जा)।
अवायवीय श्वसन: ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में (जैसे यीस्ट में)।
मानव श्वसन तंत्र: वायु नासाद्वार से होकर फुफ्फुस (Lungs) में जाती है, जहाँ कूपिकाओं (Alveoli) में गैसों का विनिमय होता है।
4. वहन (Transportation)
पदार्थों (ऑक्सीजन, भोजन, अपशिष्ट) को शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक ले जाना।
मानव हृदय: यह एक पंप की तरह कार्य करता है। इसके चार कोष्ठ (Chambers) होते हैं – दो अलिंद और दो निलय। हमारा रक्त ‘दोहरा परिसंचरण’ (Double Circulation) करता है।
रक्त के घटक: RBC (ऑक्सीजन ले जाना), WBC (बीमारियों से लड़ना), प्लेटलेट्स (रक्त का थक्का जमाना)।
पौधों में परिवहन: जाइलम (पानी और खनिज) और फ्लोएम (भोजन का परिवहन)।
5. उत्सर्जन (Excretion)
शरीर से हानिकारक नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया।
मानव उत्सर्जन तंत्र: इसमें एक जोड़ा वृक्क (Kidney), मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग होता है।
नेफ्रॉन (Nephron): यह वृक्क की कार्यात्मक इकाई है जो रक्त को छानकर मूत्र बनाती है।
Very Short Questions
Q1. स्वपोषी पोषण क्या है?
Q2. नेफ्रॉन क्या होता है?
Q3. RBC का मुख्य कार्य क्या है?
Short Answer Questions
Q. प्रकाश संश्लेषण का महत्व लिखिए।
Q. मानव हृदय में double circulation क्यों आवश्यक है?
Long Answer Question
Q. मानव उत्सर्जन तंत्र का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
यदि आपको यह अध्याय समझने में कठिनाई हो रही है,
तो इसे दो बार पढ़ें और पहले सभी परिभाषाएँ याद करें।
अगले अध्याय से पहले इस अध्याय के प्रश्न अवश्य हल करें।
🔗 संबंधित अध्याय: Notes
- Chapter 1 -रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
- Chapter 2 – अम्ल, क्षार और लवण
- Chapter 3 – धातु और अधातु
- Chapter 4 – कार्बन एवं उसके यौगिक
- Chapter 5 – जैव प्रक्रम
- Chapter 6 – नियंत्रण एवं समन्वय
- Chapter 7 – जीव जनन कैसे करते हैं
- Chapter 8 – आनुवंशिकता एवं जैव विकास
- Chapter 9 – प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्त
- Chapter 10 – मानव नेत्र तथा रंगीन संसार
- Chapter 11 – विद्युत
- Chapter 12 – विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
- Chapter 13 – हमारे पर्यावरण